- Get link
- X
- Other Apps
पाकिस्तान
के नापाक साजिश का एक बार
फिर हुआ पर्दाफाश ।
21 अगस्त
को राजौरी के नौशेरा सेक्टर
में सेना के साथ
एलओसी के पास मुठभेड़
में पकड़े गए आतंकवादी तबारक
हुसैन ने कई सनसनीखेज
खुलासे किए हैं।
तबारक
हुसैन ने बताया है
कि उसे किसी आम
व्यक्ति या संगठन ने
नहीं बल्कि पाकिस्तानी सेना के कर्नल
यूनुस ने भारतीय सेना
पर हमला करने के
लिए लगभग 30,000 रुपये में सौदा किया
था।
आत्मघाती
हमलावर तबारक हुसैन ने न्यूज एजेंसी
एएनआई से बातचीत करते
हुए ये खुलासा किया
कि मैं 4-5 अन्य लोगों के
साथ पाकिस्तानी सेना के कर्नल
यूनुस द्वारा भेजे गए एक
आत्मघाती मिशन पर यहां
आया था। कर्नल ने
मुझे भारतीय सेना को निशाना
बनाने के लिए 30,000 रुपये
दिए। भारतीय सेना की 1-2 चौकियों
की रेकी करायी गई
थी।
ब्रिगेडियर
राजीव नायर ने बताया
कि 21 अगस्त को तबारक हुसैन
को मुठभेड़ में पकड़ कर
लाया गया था। उसके
पैर और कंधे पर
गोली लगी थी। उसकी
हालत नाजुक थी। अब उसकी
हालत काफी स्थिर है।
हुसैन को रिकवर होने
में अभी भी कई
हफ्ते लग सकते हैं।
हमारे पास घायल हुआ
जो भी आता है,
वो पहले मरीज होता
है, और हमारा काम
मरीज की जान बचाना
है।
ब्रिगेडियर
कपिल राणा ने अपने
बयान में बताया कि
तबरक हुसैन पाकिस्तान के कब्जे़ वाले
कश्मीर में रहने वाला
निवासी है। वह सशस्त्र
आतंकवादियों का नेतृत्व कर
रहा था। सभी आतंकवादी
उसके संकेत का इंतजार कर
रहे थे, लेकिन मुठभेड़
में वो भागने में
कामयाब रहे। उन्होंने बताया
कि तबरक हुसैन एक
अनुभवी आतंकवादी गाइड है।
तबरक
हुसैन को पहले भी
2016 में उसके भाई के
साथ गिरफ़्तार किया गया था,
जिसे नवंबर 2017 में रिहा कर
दिया गया था। तबरक
हुसैन का वर्तमान में
रजौरी के अस्पताल में
इलाज हो रहा है।
बता
दें कि तबारक हुसैन
को भारतीय सेना ने 21 अगस्त
को राजौरी के नौशेरा के
झंगर सेक्टर में एलओसी पर
पकड़ लिया था, जब
वह अपने तीन-चार
आतंकवादियों सहयोगी के साथ घुसपैठ
करने की कोशिश कर
रहा था ।

Comments
Post a Comment